जेल और जुर्माना, दोनों नहीं
काउंसिल ने GST कानून के तहत टैक्स अधिकारियों का किसी को गिरफ्तार करने का अधिकार तो पूरी तरह खत्म कर ही दिया है और मुकदमा चलाने के लिए टैक्स अमाउंट 5 करोड़ रुपये से ज्यादा होने की बात तय की है, GST के तहत अपराधों के लिए अधिकतम सजा में भी बदलाव किए हैं। अब तक चल रही व्यवस्था में जेल और जुर्माने, दोनों की बात थी, लेकिन काउंसिल ने तय किया है कि 1 अप्रैल 2027 से सजा के रूप में जेल या जुर्माने या दोनों की व्यवस्था होगी।क्या आएगा बदलाव?
हालांकि एक अहम बदलाव यह आएगा कि अगर GST कानून के तहत कोई दोषी साबित हो जाए, तो भी जरूरी नहीं है कि उसे जेल की सजा हो। साथ ही, सेक्शन 132(3) के तहत अभी अनिवार्य रूप से कम से कम 6 महीने की जेल की सजा होती है। यह अनिवार्यता 1 अप्रैल से हट जाएगी।FICCI प्रेसिडेंट अनंत गोयनका ने कहा, 'काउंसिल ने आसान और बिजनेस फ्रेंडली टैक्स व्यवस्था की ओर अहम कदम बढ़ाया है। FICCI ने समय-समय पर कई सुझाव दिए थे। उनमें से कई पर ध्यान दिया गया। प्रशासन और करदाताओं के बीच भरोसा बढ़ाने और नियमों के पालन की लागत घटाने से बिजनेस कॉन्फिडेंस मजबूत होगा।'
