1500 रुपए ट्रांसफर करने के पहले बोले सीएम मोहन:बहनें अपने भाई को रक्षा तिलक लगाएंगी, तो समझूंगा मुझे तिलक लग जाएगा

1500 रुपए ट्रांसफर करने के पहले बोले सीएम मोहन:बहनें अपने भाई को रक्षा तिलक लगाएंगी, तो समझूंगा मुझे तिलक लग जाएगा

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा, '19 अगस्त को जब बहनें, अपने भाई को रक्षाबंधन तिलक लगाएंगी, तो मैं समझूंगा कि मुझे तिलक लग जाएगा। भाई बहन का त्योहार भारतीय संस्कृति की पताका को लहराता है। आज एक साथ 25 हजार से ज्यादा जगह सिंगल क्लिक के माध्यम से 250 रुपए रक्षाबंधन के अनुपम त्योहार के लिए भेज रहा हूं। इसके लिए श्योपुर जिले के विजयपुर से कार्यक्रम में शामिल हो रहा हूं। बहनों के खाते में आज 1250 पूर्व के और 250 रुपए रक्षाबंधन के मिलाकर 1500 रुपए मिलेगा।'

सीएम यादव ने यह बात शनिवार को निवास में टीकमगढ़ और श्योपुर जिले के कार्यक्रमों में रवाना होने के पहले कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कोई योजना बंद नहीं की जाएगी। संकल्प पत्र में शामिल सभी योजनाएं चालू रहेंगी। सीएम आज लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 1.29 करोड़ महिलाओं के खाते में 1250 रुपए और 250 रुपए समेत कुल मिलाकर 1900 करोड़ रुपए ट्रांसफर करेंगे। इस कार्यक्रम में मंत्रियों को उनके गृह जिलों में मौजूद रहने को कहा गया है। साथ ही, विधायक और सांसदों से भी कार्यक्रम में शामिल रहने को कहा गया है।

सिंगल क्लिक के लिए इसलिए चुना विजयपुर

सूत्रों का कहना है कि सीएम मोहन यादव ने बहनों के खाते में 1500 रुपए डालने के लिए विजयपुर को इसलिए चुना है क्योंकि यहां जल्द ही उपचुनाव होने वाले हैं। प्रदेश के वन और पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत यहां से उम्मीदवार बनेंगे। कांग्रेस यहां झटका न दे पाए, इसलिए सरकार का फोकस इस उपचुनाव पर ज्यादा है। गौरतलब है कि रावत कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए और अब मंत्री हैं। मंत्री बनने के बाद उनके इस्तीफे से विधानसभा रिक्त हो गई है।

शुक्रवार को यह कहा था सीएम ने

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को महिला सरपंचों के सम्मेलन में कहा था कि रक्षाबंधन के पवित्र अवसर पर सभी बहनें परिवारों में व्यर्थ के खर्चों को कम करने का संकल्प लें। तेरहवीं और मृत्य भोज इत्यादि पर अनावश्यक व्यय से बचा जाए। विवाह भी सादगीपूर्ण तरीके से किए जाएं। इन गतिविधियों में कर्ज लेकर या अचल सम्पत्ति बेचकर भी पैसा लगाया जाता है। इससे बचने के लिए लोगों को जागरुक करने की आवश्यकता है। इस प्रकार की गतिविधियों को हतोत्साहित कर तथा सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में परिवार के युवाओं का विवाह कर जमा पूंजी बचाई जा सकती है। परिवार के संसाधनों का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई तथा परिवार की बेहतरी के लिए किया जाए।


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