बदायूं: एनकाउंटर में अजय प्रताप सिंह के पैरों में लगी गोली, HPCL के दो बड़े अफसरों पर दागी थीं गोलियां
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13 Mar 2026, 12:55 PM
बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं में एचपीसीएल प्लांट के डिप्टी जनरल मैनेजर और एजीएम की हत्या करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी अजय प्रताप सिंह को पैर में गोली मारकर घायल कर दिया। इस दौरान एक सिपाही ओमबीर सिंह भी घायल हो गए। पुलिस आरोपी की निशानदेही पर तमंचा बरामद करने करने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान अजय ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अजय प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
खुन्नस में की थी अफसरों की हत्या
पुलिस से पूछताछ में अजय प्रताप सिंह ने माना है कि नौकरी से निकाले जाने की खुन्नस में उसने डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर गुप्ता और एजीएम हर्षित मिश्रा की हत्या की थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर जंगल से हथियार बरामद कर लिया है।
प्लांट में मच गई थी अफरा-तफरी
आपको बता दें कि गुरुवार रात हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड प्लांट में घुसकर अजय प्रताप सिंह ने दो बड़े अफसरों की गोली मारकर हत्या कर दी। गोलीबारी से पूरे प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। जब तक कर्मचारी कुछ समझ पाते हमलावर भाग गया था।
ऑपरेटर पद पर तैनात था अजय
बताया जा रहा है कि अजय प्रताप सिंह पहले इसी प्लांट में ऑपरेटर पद पर तैनात था। कंपनी से निकाले जाने के बाद उसका प्रबंधन से विवाद चल रहा था।
देर-रात पुलिस महकमे में बड़ा एक्शन
वारदात के बाद पुलिस विभाग में भी कार्रवाई हुई। एसएसपी डॉ ब्रजेश कुमार सिंह ने लापरवाही के आरोप में मूसाझाग थाने के इंस्पेक्टर अजय कुमार और सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया। पूरे मामले की जांच अब सीओ सिटी रजनीश कुमार उपाध्याय को सौंपी गई है। तो वही मूसाझाग थाने की कमान वीरेंद्र तोमर को दी गई है।
प्रबंधन ने आरोपी के खिलाफ की थी शिकायत
एचपीसीएल प्लांट के प्रबंधन ने आरोपी की धमकियों को लेकर पुलिस से शिकायत की थी। हर्षित मिश्रा की मां का कहना था कि आरोपी के खिलाफ स्थानीय थाने से लेकर SSP तक शिकायत की गई थी। एफआईआर दर्ज करने के बाद सख्त कार्रवाई नहीं गई थी। बस पुलिस ने मामूली कार्रवाई की थी। इसके बाद आरोपी और बौखला गया और धमकियां देता था।