इन कारणों से हटे थाना प्रभारी
- केस दर्ज होने के बाद नबील और अबरार भागे
बागसेवनिया में 18 अप्रैल को केस दर्ज करने से पहले फरहान और साहिल के अलावा गिरोह के अन्य लोगों पर आरोप नहीं था। बाद में अशोकागार्डन में केस पहुंचने से पहले ही अबरार और नबील भोपाल से भाग गए।
केस दर्ज होने को डेढ़ महीने से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अब तक अबरार का सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस उसे पश्चिम बंगाल के कोलकाता और बिहार के अलग-अलग ठिकानों पर ढूंढ चुकी है। अंदेशा है कि वह पुलिस से छुपने बांग्लादेश भाग गया है।
- टीआईटी कॉलेज के संदेहियों की जांच न करना
कॉलेज की पीड़िताओं ने कॉलेज में चल रहे लव जिहाद के पूरे रैकेट के बारे में बताया था, लेकिन पुलिस की टीम सिर्फ खानापूर्ति के लिए वहां पहुंची। जिन पांच-छह लोगों के नाम सामने आए थे, वे टीम के पहुंचने से पहले गायब हो गए। बाद में लापरवाहीपूर्वक उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
- एसआईटी ने की शिकायत, महिला आयोग भी जांच से नाखुश
प्रदेशभर में लव-जिहाद के मामलों की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी के अधिकारियों ने भी अशोकागार्डन पुलिस की सुस्त कार्रवाई को लेकर पुलिस आयुक्त से शिकायत की थी। साथ ही अशोकागार्डन थाने में दर्ज मामलों की जांच पर महिला आयोग की रिपोर्ट ने भी अंसतुष्टी जाहिर की थी।











