कला रियाज मांगती है, युवाओं को मोबाइल की लत, इसलिए प्रोफेशन में हो रहे कच्चे - गोविंद नामदेव

कला रियाज मांगती है, युवाओं को मोबाइल की लत, इसलिए प्रोफेशन में हो रहे कच्चे - गोविंद नामदेव
भोपाल। आज के युवाओं में काम के प्रति जोश है। लेकिन उनके पास समय की कमी है। परफार्मिंग आर्ट जैसे अभिनय, नृत्य और गायन हर दिन रियाज मांगती है। हर दिन रियाज नहीं होगा तो कला में निखार नहीं आएगा। यह कहना है ख्‍याल बालीवुड अभिनेता गोविंद नामदेव का, जो अपनी आने वाली फिल्म डायरेक्ट एक्शन डे के प्रमोशन के लिए भोपाल आए। उन्‍होंने कहा कि मेरी कोशिश हमेशा यह होती है कि मेरा किरदार दूसरों से अलग हो। अपने किरदार के हिसाब से की काम को चुनता हूं।

उन्होंने नवदुनिया को बातचीत में बताया कि आज के युवा मोबाइल में ज्यादा व्यस्त रहते हैं। रात को दो से तीन बजे तक जागते हैं, जिससे उनके अंदर इतनी ताकत नहीं बचती कि सुबह उठकर सही से रियाज कर सकें। इसका असर उनके प्रोफेशनल जीवन में पड़ता है। इसलिए उनकी प्रस्तुति में बहुत कच्चापन दिखाई देता है। हम कोशिश करते हैं अपने काम से कि उन्हें प्रेरित किया जाए, लेकिन वे भी मजबूर हैं। उन युवाओं के दिल में काम करने की इच्छा तो है, लेकिन समय की कमी भी है। उन्हें इंटरनेट मीडिया की लत लग चुकी है। जिससे वह छोड़ नहीं पाते।

सच्चाई सभी की बुरी लगती है

कुछ फिल्में विवादों में आ रही है, इस विषय पर उन्होंने बताया कि जो सच्चाई दबाकर रखी गई हैं, वह बाहर आ रही है। उन सच्चाई को बाहर आने से कइयों को बुरा लगता है, इसलिए वह उसका विरोध करते हैं। हम दो संप्रदाओं को जोड़ने की बात करते हैं, न कि लड़ाई करवाई की। फिल्मों में जो भी दिखाया जाता है, वह इतिहासकारों की मदद से तथ्यों को सामने रखते हुए किया जाता है।



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