ग्रामीणों ने जब प्रतिमा की यह अपमानजनक स्थिति देखी, तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से जूतों की माला हटाई। इसके बाद मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
घटना के बाद से ग्रामीणों में गहरा रोष है और लोगों ने इस तरह के कृत्य को सिर्फ मूर्ति नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान बताया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
यह घटना सिर्फ एक मूर्ति का अपमान नहीं, बल्कि लोकतंत्र और मर्यादा के प्रतीक एक महान नेता के प्रति असम्मान का उदाहरण है, जिसे समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।











