ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग को खरीदने की होड़ में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के अलावा अप्रावा एनर्जी और PE फंड एक्टिस शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि ड्यू डिलिजेंस शुरू हो चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि अगस्त की शुरुआत तक बाइंडिंग बिड्स मिलने की उम्मीद है। इस डील में पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग की वैल्यूएशन लगभग ₹1,500 करोड़ हो सकती है।
अडानी की झोली में गिरेगी एक और बड़ी कंपनी! उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मिले हैं बड़े कॉन्ट्रैक्ट
नई दिल्ली: भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस गौतम अडानी की झोली में एक और कंपनी गिर सकती है। यह कंपनी स्मार्ट मीटर लगाने का काम करती है। आई स्क्वायर्ड कैपिटल (I Squared Capital) इस कंपनी पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग की बिक्री की प्रक्रिया के दूसरे दौर के लिए चार-पांच बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस शामिल है।1.35 लाख करोड़ का निवेश
सरकार ने 2027 तक 25 करोड़ प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है। इसमें करीब ₹1.35 लाख करोड़ के निवेश का अनुमान है। CareEdge की पिछले साल आई रिपोर्ट के अनुसार भारत में स्मार्ट मीटर का इस्तेमाल अभी महज 5-6% है। यह जापान (100%) और अमेरिका (73%) जैसे विकसित देशों की तुलना में काफी कम है। साथ ही 43% के ग्लोबल औसत से भी बहुत नीचे है।
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने स्मार्ट मीटरिंग कंपनी IntelliSmart Infrastructure का ₹3,050 करोड़ में अधिग्रहण किया था। यह देश में स्मार्ट मीटरिंग सेक्टर की टॉप तीन कंपनियों में से एक है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और असम में इसके 22 मिलियन मीटर लगे हैं। ब्रिटेन की फंड कंपनी Actis ने पिछले साल EDF India के साथ मिलकर एक जॉइंट वेंचर बनाया था











