भगवान महाकाल को जल नहीं चढ़ाने देने से नाराज महिला कावड़ियों ने दिया धरना

भगवान महाकाल को जल नहीं चढ़ाने देने से नाराज महिला कावड़ियों ने दिया धरना

 उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शुक्रवार को भगवान महाकाल को जल अर्पण नहीं करने देने से नाराज महिला कावड़ यात्रियों ने जमकर प्रदर्शन किया। करीब ढाई घंटे तक महिलाएं गणेश मंडपम में धरने पर बैठी रही।

बदलनी पड़ी दर्शन व्‍यवस्‍था

इस दौरान मंदिर प्रशासन को दर्शन व्यवस्था बदलनी पड़ी। मंदिर प्रशासन का कहना है कि कावड़ यात्री संगठन के पास गर्भगृह में जाने की सक्षम अनुमति नहीं थी। इसलिए प्रवेश नहीं दिया गया। बाद में गतिरोध बढ़ता देख प्रशासक ने यात्रा संयोजक माया राजेश त्रिवेदी को गर्भगृह की दहलीज से भगवान महाकाल के दर्शन व जलाभिषेक कराया। इसके बाद मामला शांत हुआ।

शिप्रा तट से महाकाल मंदिर तक कावड़ यात्रा

श्रावण अधिकमास में पार्षद माया राजेश त्रिवेदी मित्रमंडल द्वारा 25 जुलाई से चार दिवसीय चौरासी महादेव, सप्त सागर व नौ नारायण यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को शिप्रा तट से महाकाल मंदिर तक कावड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में पांच हजार से अधिक महिलाएं शामिल थी।

गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं मिली

नगर के प्रमुख मार्गों से होकर यात्रा जब महाकाल मंदिर पहुंची, मंदिर प्रशासन ने यात्रा संयोजक माया त्रिवेदी को गर्भगृह में जाकर भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने की अनुमति नहीं दी। इस पर विवाद हो गया। त्रिवेदी का कहना था कि अब तक जितनी भी बड़ी कावड़ यात्रा मंदिर पहुंची है, प्रशासन ने उनके प्रमुख को भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने के लिए गर्भगृह में प्रवेश दिया है। इसलिए उन्हें भी गर्भगृह में जाकर भगवान का जलाभिषेक करने की अनुमति मिलना चाहिए, लेकिन मंदिर प्रशासन इस बात पर राजी नहीं हुआ।

प्रशासक ने कहा-अनुम‍ित कलेक्‍टर ही देते हैं

प्रशासक संदीप कुमार सोनी का कहना था कि गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति कलेक्टर देते हैं, आपके पास कलेक्टर की अनुमति नहीं है इसलिए बाहर से ही दर्शन करना होंगे। इस बात पर विवाद और बढ़ गया तथा माया त्रिवेदी के साथ करीब 700 महिलाएं गणेश मंडपम में धरने पर बैठ गई। महिलाओं ने मंदिर में भेदभाव पूर्ण दर्शन व्यवस्था का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इस बीच कुछ लोगों ने नंदी हॉल में सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स भी हटा दिए।

भक्तों को कार्तिकेय मंडपम् से भगवान महाकाल के दर्शन कराए

गणेश मंडपम में धरना प्रदर्शन के चलते मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया तथा भक्तों को कार्तिकेय मंडपम् से भगवान महाकाल के दर्शन कराए। करीब ढाई घंटे प्रदर्शन के बाद प्रशासक ने माया त्रिवेदी को गर्भगृह की दहलीज से दर्शन की अनुमति दी तथा उनके हाथ से बिल्व पत्र व जल लेकर पुजारी के द्वारा भगवान को चढ़वाया। इसके बाद मामला शांत हुआ।

इनका कहना

गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति कलेक्टर द्वारा दी जाती है। आयोजकों के पास सक्षम अनुमति नहीं थी, इसलिए नियम का पालन करते हुए प्रवेश नहीं दिया। मंदिर में इस प्रकार शक्ति प्रदर्शन करना उचित नहीं है। इससे अन्य भक्तों को परेशानी होती है।

-संदीप कुमार सोनी, प्रशासक महाकाल मंदिर

प्रशासक को दिया था पत्र

शुक्रवार को कावड़ यात्रा के महाकाल मंदिर पहुंचने तथा जलाभिषेक की अनुमति के लिए गुरुवार को प्रशासक को पत्र दिया जा चुका है। कलेक्टर को जानकारी देने व अनुमति लेने का काम उनका है। उन्होंने कर्तव्य का पालन नहीं किया। इसमें हमारी गलती नहीं है।

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