रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी 140 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे हैं। वे जामनगर से द्वारका जा रहे है। आज (1 अप्रैल) पदयात्रा का पांचवा दिन है।
10 अप्रैल को अनंत अंबानी का जन्मदिन है। अनंत अपना 30वां जन्मदिन द्वारका में ही मनाएंगे। अनंत ने अपनी यात्रा 28 मार्च को जामनगर के मोती खावड़ी से शुरू की थी। अनंत को द्वारका पहुंचने में 2-4 दिन और लग सकते हैं।
लोगों को ट्रैफिक और सिक्योरिटी के चलते मुश्किल का सामना न करना पड़े, इसलिए अनंत रात में यात्रा करते है।
अनंत अंबानी वन्यजीव संरक्षण के लिए भी काम करते है। जामनगर में रिलायंस द्वारा संचालित पशु बचाव एवं पुनर्वास केंद्र वनतारा है।
युवा भगवान द्वारकाधीश पर विश्वास रखें - अनंत अंबानी
अनंत अंबानी 10 अप्रैल को द्वारकाधीश मंदिर में प्रार्थना और प्रसाद के साथ अपना 30वां जन्मदिन मनाएंगे। मीडिया से बात करते हुए अनंत अंबानी ने कहा कि वे हमेशा कोई भी काम शुरू करने से पहले भगवान द्वारकाधीश को याद करते है।
उन्होंने कहा, "यह पदयात्रा जामनगर में हमारे घर से द्वारका तक है। यह पिछले पांच दिनों से चल रही है और हम अगले दो-चार दिनों में द्वारका पहुंच जाएंगे। मेरी पदयात्रा जारी है। भगवान द्वारकाधीश हमें आशीर्वाद दें। मैं युवाओं से कहना चाहूंगा कि भगवान द्वारकाधीश पर विश्वास रखें और कोई भी काम करने से पहले भगवान द्वारकाधीश को याद करें । वह काम बिना किसी बाधा के जरूर पूरा होगा और जब भगवान मौजूद हैं, तो चिंता की कोई बात नहीं है।"
दोस्त भी शामिल हुए, द्वारकाधीश के जयघोष लगाते बढ़ते है
इस पदयात्रा में अनंत अंबानी के दोस्त भी शामिल हुए है। मंडला में सभी 'जय द्वारकाधीश' के नारे लगाते और भजन गाते आगे बढ़ते हैं। अनंत को देखने के लिए लोगों की भीड़ भी इकट्ठा हो रही है। इस दौरान लोगों को अनंत अंबानी के साथ सेल्फी लेते हुए भी देखा जा सकता है।
वन्यजीव संरक्षण प्रोजेक्ट वनतारा के लिए सुर्खियों में रहें
अनंत अंबानी ने पिछले साल राधिका मर्चेंट के साथ शादी की थी। पिछले काफी समय वह अपने वन्यजीव संरक्षण से जुड़े वनतारा के लिए सुर्खियों में है। अब अनंत अंबानी एक बार फिर से जगत मंदिर की यात्रा के लिए चर्चा में हैं।
27 फरवरी को, वनतारा को भारत सरकार ने 'कॉर्पोरेट' श्रेणी के तहत पशु कल्याण में भारत के सर्वोच्च सम्मान, 'प्राणी मित्र' राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार राधे कृष्ण मंदिर हाथी कल्याण ट्रस्ट (RKTEWT) के योगदान को दिखाता है। यह वनतारा के तहत एक संगठन है जो हाथियों के बचाव, उपचार और देखभाल करता है।
यात्रा के दौरान अनंत ने मुर्गियों से लदी गाड़ी को रोका और सभी मुर्गियां दोगुने दाम पर खरीदकर उन्हें आजाद कर दिया। इसके बाद वे दोनों हाथों में एक मुर्गी लेकर चलते दिखाई दिए।