Amol Palekar ने सरकार को जमकर कोसा, 'द कश्‍मीर फाइल्‍स' और 'द केरल स्‍टोरी' को बताया प्रोपेगेंडा फिल्‍म

Amol Palekar ने सरकार को जमकर कोसा, 'द कश्‍मीर फाइल्‍स' और 'द केरल स्‍टोरी' को बताया प्रोपेगेंडा फिल्‍म
दिग्‍गज एक्‍टर अमोल पालेकर ने 'द कश्‍मीर फाइल्‍स' और 'द केरल स्‍टोरी' जैसी फिल्‍मों को राज्‍यों में टैक्‍स फ्री किए जाने पर गुस्‍सा जाहिर किया है। 'छोटी सी बात' और 'गोलमाल' जैसी फिल्‍मों के सदाबहार एक्‍टर अमोल पालेकर कोल्‍हापुर में साहू महाराज की जयंती के कार्यक्रम में पहुंचे थे। एक्‍टर ने इस दौरान सरकार और राजनीति को भी जमकर कोसा। उन्‍होंने कहा कि पहले गुंडे-बदमाश आम जनता का शोषण करते थे, लेकिन अब सरकारें और राजनेता नकाबपोश भीड़ को समर्थन देती हैं। अमोल पालेकर ने सीधे शब्‍दों में 'द कश्‍मीर फाइल्‍स' और 'द केरल स्‍टोरी' को 'प्रोपेगेंडा फिल्‍म' करार दिया।


सामाजिक सलोखा परिषद के इस आयोजन में Amol Palekar ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में देश में अल्पसंख्यकों को खूब डराया गया है। एक्‍टर ने इस बात पर गुस्सा जताया कि ट्रोल आर्मी खुद से अलग विचार रखने वाले लोगों को परेशान कर रही है। 'The Kashmir Files' और 'The Kerala Story' जैसी 'प्रोपेगेंडा' वाली फिल्मों को आज भारत में टैक्स फ्री कर दिया गया है। समाज सुधारक साहू महाराज को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यदि वो आज जीवित होते तो बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ खड़े लोगों को जल्द न्याय मिलता। बीजेपी सांसद बृज भूषण सिंह पर कई महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

अमोल पालेकर ने अपने भाषण में कहा कि साहू महाराज ने महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को दंडित किया और वह रूढ़िवादी विचारधारा के खिलाफ थे।

पहले भी बेबाक बयान देकर चर्चा में रहे हैं अमोल पालेकर

अमोल पालेकर की उम्र 78 साल है और वह अपनी बेबाकी के कारण पहले भी चर्चा में आ चुके हैं। फरवरी 2019 में, उन्होंने मुंबई में नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) में दो सीनियर आर्टिस्‍ट्स की प्रदर्शनी को कथित तौर पर रद्द करने पर सवाल उठाए थे। बाद में इस पर खूब हंगामा हुआ था। अभी एक महीने पहले ही उन्होंने राजनेताओं और नेताओं के भाषण पर सेंसरशिप की बात की। अमोल पालेकर ने कहा कि जब फिल्मों में इस तरह के सीन दिखाए जाते हैं तो उसे सेंसर किया जाता है, तो फिर असल जिंदगी में नेताओं के भाषण पर भी सेंसरश‍िप होनी चाहिए।

अमोल पालेकर ने सेंसर बोर्ड की नीतियों पर उठाए थे सवाल

अमोल पालेकर बीते दिनों ओटीटी पर शाहिद कपूर की 'फर्जी' वेब सीरीज में नजर आए। अप्रैल 2017 में उन्होंने सेंसर बोर्ड की नीतियों पर भी सवाल उठाए थे और सिनेमैटोग्राफ एक्‍ट में सुधार की मांग के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अमोल पालेकर वर्कफ्रंट पर भी खासे एक्‍ट‍िव हैं। उन्‍हें हमने बीते दिनों ओटीटी पर ही मनोज बाजपेयी और शर्मिला टैगोर के साथ 'गुलमोहर' फिल्‍म में भी देखा।
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