महाराष्ट्र स्पीकर राहुल नार्वेकर ने नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायकों की अयोग्यता के मामले में 15 फरवरी को फैसला सुनाया था। उन्होंने अजित गुट को असली बताते हुए उनके गुट के 41 विधायकों को अयोग्य नहीं बताया था। इसी के साथ उन्होंने पार्टी के संस्थापक शरद पवार के गुट के 10 विधायकों की विधायकी भी बरकरार रखी थी।
नार्वेकर के शरद गुट के 10 विधायकों को अयोग्य नहीं ठहराने के फैसले के खिलाफ अजित गुट अदालत पहुंच गया है। मंगलवार (20 फरवरी) को अजित गुट की NCP के चीफ व्हीप अनिल पाटिल ने वकील श्रीरंग वर्मा के जरिए याचिका लगाई। इसमें उन्होंने स्पीकर के फैसले की कानूनी वैधता को चैलेंज किया। जस्टिस जीएस कुलकर्णी की बेंच आज (21 फरवरी) इस मुद्दे पर सुनवाई करेगी।
दरअसल, जुलाई 2023 में शरद पवार की NCP तोड़कर अजित पवार भाजपा सरकार के गठबंधन में शामिल हो गए थे। इसके बाद शरद गुट ने स्पीकर से पार्टी तोड़ने वाले विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।
इसे लेकर अजित गुट ने दावा किया था कि उनके पास 41 विधायकों का समर्थन है। उन्होंने अपने गुट को असली NCP बताया था। 5 फरवरी 2023 को चुनाव आयोग ने भी अजित के गुट को ही असली NCP बताया और शरद पवार गुट की पार्टी का नाम NCP शरद चंद्र पवार फाइनल किया। अजित गुट का मानना है कि जब शरद पवार का गुट NCP है ही नहीं तो उनके विधायक अयोग्य होने चाहिए।
SC बोला- अगले आदेश तक शरद गुट नया नाम इस्तेमाल करे
चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) बताया था। इसके खिलाफ शरद पवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। सोमवार (19 फरवरी) को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 3 हफ्ते बाद होगी।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने शरद पवार को पार्टी चिन्ह के लिए चुनाव आयोग जाने की परमिशन दे दी है। साथ ही कहा है कि चुनाव आयोग एक हफ्ते में चुनाव चिन्ह अलॉट करे। कोर्ट ने अगले आदेश तक शरद गुट को नए नाम का ही इस्तेमाल करने कहा है
अजित ने 5 जुलाई को कहा था- अब मैं NCP चीफ
अजित पवार 2 जुलाई 2023 को NCP के 8 विधायकों के साथ महाराष्ट्र की शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। उन्होंने अपने साथ NCP के 40 विधायकों के समर्थन का दावा किया था। गठबंधन सरकार में अजित को डिप्टी CM बनाया गया है।
इसके बाद अजित ने 5 जुलाई 2023 को शरद पवार को NCP राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने का ऐलान किया था। उन्होंने खुद को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया था। अजित का कहना था कि मुंबई में 30 जून 2023 को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला हुआ था।
अजित पवार ने चुनाव आयोग में NCP के नाम-निशान पर अपना दावा जताते हुए 30 जून को लेटर भेजा था। वहीं, शरद गुट के नेता जयंत पाटिल ने 3 जुलाई को आयोग से अजित समेत 9 मंत्रियों सहित 31 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।
शरद से बगावत के बाद अजित ने 30 जून को दावा किया था कि बहुमत उनके पास है। इसलिए पार्टी पर उनका अधिकार है। आयोग में याचिका दायर कर, अजित ने 9 हजार से ज्यादा दस्तावेज पेश किए थे।
NCP केवल 2 राज्यों में सीमित
2000 के तत्कालीन चुनाव परिणामों के आधार पर NCP का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा 10 अप्रैल 2023 को छिन गया था। अब यह केवल महाराष्ट्र और नगालैंड में क्षेत्रीय दल के रूप में मान्यता रखती है।











