आरंभ में प्राचार्य पीके बेदुये ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के स्वरूप पर विस्तृत रूप में प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों, समाज और राष्ट्र के उत्थान में सकारात्मक भूमिका अदा करेगी। अब केंद्रीय विद्यालय में आठवीं कक्षा में ही आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस का विषय प्रारंभ किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश व्यास ने प्राचीन भारत वर्ष की शिक्षा व्यवस्था से लेकर नई शिक्षा नीति के आयामों पर विस्तृत रूप में बताया। नवोदय विद्यालय मानपुर के प्राचार्य ओपी शर्मा ने नई शिक्षा नीति के कई पहलुओं को समझाया। उन्होंने बताया कि सत्र 2022-23 से ही कक्षा 1 में प्रवेश की आयु संशोधित कर 6-8 वर्ष कर दी गई है। लक्ष्य प्राप्ति के संदर्भ में एक वेव एप के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति को रिकार्ड किया जा रहा है।
पायलट आधार पर स्थायी पर 50 केंद्रीय विद्यालय में 3, 4, 5 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए तीन बाल वाटिकाओं के लिए एक कक्षा वर्ग खोला गया है। सत्र 2023-24 में ऐसे 500 केंद्रीय विद्यालयों में ऐसे बाल वाटिका की कक्षा खुलेंगी। इसके अलावा एनसीईआरटी ने ग्रेड 1 के लिए 3 महीने के लिए एक खेल आधारित स्कूल तैयारी माड्यूल विकसित किया है, जिसे विद्या प्रवेश नाम दिया गया है।
बताया कि केंद्रीय विद्यालय अपने विद्यार्थियों के अनुकूल शिक्षण वातावरण के लिए बुनियादी ढांचा बनाने पर काम कर रहा है। इसमें नई कक्षाएं, प्रयोगशाला, पुस्तकालयों और ई-पुस्तकों, आनलाइन शिक्षण प्लेटफार्म जैसे डिजिटल संसाधन शुरू किए जाएंगे। पत्रकारवार्ता में केंद्रीय संचार ब्यूरो के मीडिया प्रभारी दिलीप सिंह परमार, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 के प्राचार्य मनीष जैन, केंद्रीय विद्यालय मऊ की प्राचार्य पूजा श्रीवास्तव समेत कई लोग मौजूद रहे।











