छह वर्ष की अथक मेहनत से दृष्टिबाधित जूडोका पूनम शर्मा बनीं युवाओं की प्रेरणास्रोत

छह वर्ष की अथक मेहनत से दृष्टिबाधित जूडोका पूनम शर्मा बनीं युवाओं की प्रेरणास्रोत

भोपाल। राजधानी में शनिवार को आयोजित शिखर खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की खेल हस्तियों को उनके खेलों मे दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कृत किया। पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों में शहर की दृष्टिबाधित जूडोका पूनम शर्मा भी शामिल हैं। यह वही पूनम शर्मा हैं, जो छह साल पहले लाचार और मजबूर थीं। उन्हें स्कूल जाने के लिए भी किसी का सहारा लेना पड़ता था।

पेरिस पैरालिंपिक में पदक जीतने का लक्ष्य

वर्ष 2017 में उन्होंने जूडो खेलना शुरू किया और अपनी कड़ी मेहनत से न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बनीं, बल्कि देश के लिए पदक भी जीतकर लाईं। आज वह भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में बतौर कोच युवा खिलाड़ियों को तैयार कर रही हैं। पूनम को वर्ष 2021 के लिए विक्रम पुरस्कार से नवाजा गया। पूनम का लक्ष्य पेरिस पैरालिंपिक में देश के लिए पदक जीतना है।

कई पदक जीत चुकी हैं पूनम

पूनम ने बताया कि जूडो ने मुझे नया जीवन दिया है और विक्रम पुरस्कार ने मुझे नई राह दिखाई है। उन्होंने कहा कि पैरा एशियन गेम्स के ट्रायल में भाग नहीं ले सकी, लेकिन पेरिस पेरालिंपिक में देश के लिए पदक जीतना चाहती हूं। पूनम ने श्री ब्लिस मिशन फार पैरा एंड ब्राइट संस्था में जूडो सीखा है। उन्होंने विश्व में 14वें नंबर तक की रैकिंग को पाया है। पूनम ने कुल नौ अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, जबकि 2019 में कजाकिस्तान में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इससे पहले कामनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप 2019 इंग्लैंड और कामनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप 2018 में भारत देश के लिए दो स्वर्ण पदक जीते थे।

कोच प्रवीण भटेले का विशेष योगदान

पूनम शर्मा ने वर्ष 2017 में जूडो खेलना शुरू किया, तब उन्हें कोच बिट्टू शर्मा और कोच प्रवीण भटेले ने सिखाना शुरू किया था। बिटटू शर्मा खुद अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी व कोच रही हैं और वर्तमान में डीएसपी रेलवे है। वहीं प्रवीण भटेले वर्तमान में सेज इंटरनेशनल स्कूल में कोच है। प्रवीण ने अपने खर्चे पर कई खिलाडि़यों को तैयार किया है। पूनम भी उन्हीं की तरह दूसरे खिलाड़ियों की मदद करना चाहती है। पूनम आसानी से सामान्य बच्चों व महिलाओं की मार्शल आर्ट टीम बनाकर ट्रेनिंग दे रही हैं। पूनम अपनी सफलता का श्रेय इन दोनेां को देती हैं। वह अपने पति विकास चौधरी के साथ सम्मान लेने आई थीं। उनके पति भी रेलवे में सीनियर क्लर्क हैं।
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