जोन से हटने के बाद नाराज एएचओ ने निगमायुक्त से की शिकायत

जोन से हटने के बाद नाराज एएचओ ने निगमायुक्त से की शिकायत
भोपाल। एक प्रभारी एएचओ ने जोन से हटाए जाने के बाद निगमायुक्त को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताई है। साथ ही नियमों का हवाला देते हुए इस मामले में न्यायालय जाने को कहा है। हाल ही में निगम प्रशासन ने एक प्रभारी एएचओ को जोन से हटाकर मुख्यालय अटैच किया है। उसकी जगह एलडीसी को जोन का प्रभार दिया है। इसी से ये एएचओ महाशय नाराज हैं। उनका कहना है कि एक दरोगा के कारण मुझे जोन से षड्यंत्रपूवर्क हटवाया गया है।

यह है मामला

दरअसल नगर निगम प्रशासन ने जोन 06 के प्रभारी एएचओ जितेन्द्र शर्मा को एक हफ्ता पहले निगम मुख्यालय अटैच किया है। उनकी जगह एलडीसी रवींद्र यादव को जोन का प्रभार दिया गया है। गुरुवार को इस आदेश के विरुद्ध जितेन्द्र शर्मा ने निगमायुक्त फ्रैंक नोबल ए को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज करवाई है।

नियमों का दिया हवाला

जितेन्द्र शर्मा ने बताया कि एक साल पहले 31 अक्टूबर 2022 को मुझे जोन 6 का स्वच्छता निरीक्षण बनाया गया था। सात दिन पहले 20 अक्टूबर को मुझे मुख्यालय पदस्थ किया गया है और मेरे स्थान पर निम्न श्रेणी लिपिक को भेजा गया है। जबकि नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के इस मामले में स्पष्ट निर्देश हैं कि निचले कर्मचारी को प्रभार नहीं दिया जा सकता।

पहले भी हुआ था ऐसा प्रकरण

जितेन्द्र शर्मा ने बताया कि पूर्व में भी ऐसा ही प्रकरण सामने आया था। जब जोन 05 के स्वच्छता निरीक्षक को हटाया गया था और हटाए गए कर्मचारी ने हाईकोर्ट से स्टे लेकर वापस ज्वाइनिंग दी थी। फिर भी मुझे हटाया गया। पत्र में जितेन्द्र साफ कहा है कि जल्द ही इस मामले का निराकरण नहीं किया गया तो वह कोर्ट की शरण लेंगे।

सेनेटरी इंस्पेक्टर कर रहे बाबूगीरी, बाबू संभाल रहे सफाई की कमान

शहर में साफ-सफाई ही नहीं स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत होने वाले कामों की कमान क्लर्क और स्टेनों टाइपिस्ट के हाथों में है। जबकि इस काम के लिए योग्य 10 सेनेटरी इंस्पेक्टर्स (एसआई) में से आधे लूप लाइन में पड़े हुए हैं। जो इन क्लर्क और स्टेनों के मातहत काम कर रहे हैं। चिलचस्प बात ये है कि इसकी शिकायतें कई सालों से हो रही हैं, लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन लूप लाइन में पड़े एसआइ योग्यतानुसार काम देने की आवाज उठाने लगे हैं। इन्हीं में से एक एसआइ ने निगम आयुक्त को पत्र लिख योग्यता अनुसार काम देने की न सिर्फ मांग की है, बल्कि कोर्ट जाने का अल्टीमेटम भी दिया है। यह पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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