एक्टर का बेटा बना IAS अफसर, कभी थ‍िएटर में काम करता था श्रुतंजय, हर दिन 10-12 घंटे पढ़ बढ़ाया माता-पिता का मान

एक्टर का बेटा बना IAS अफसर, कभी थ‍िएटर में काम करता था श्रुतंजय, हर दिन 10-12 घंटे पढ़ बढ़ाया माता-पिता का मान
अक्सर ऐसा होता है कि किसी फिल्म में काम करने वाले एक्टर या स्टार्स के बच्चे किसी और करियर के बारे में सोचना भी पसंद नहीं करते। उन्हें ऐसा लगता है कि उनके लिए एक बना-बनाया करियर उनका इंतजार कर रहा है। और फिर ये बच्चे एक्टिंग, डांस, थिएटर की तरफ ही खिंचे रहते हैं। लेकिन आज हम उस एक्टर के बेटे के बारे में बात करने जा रहे हैं जिन्होंने फिल्मी दुनिया से अलग हटकर देश की सेवा करने का फैसला लिया और IAS की परीक्षा पास की।

बॉलीवुड में तमाम ऐसे स्टार्स हैं और शायद लगभग सभी, जिनके बच्चों ने फिल्मों में ही अपना करियर बनाया है या फिर इसी लाइन में बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, इस मामले में आर माधवन थोड़े अलग हैं और उनका बेटा स्पोर्ट्स की दुनिया में झंडा गाड़ता नजर आ रहा। हालांकि, यहां हम बात करने जा रहे हैं साउथ स्टार चिन्नी जयंत के बेटे श्रुतंजय कृष्ण मूर्ति नारायण के बारे में जो हर बच्चों के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं।

साउथ के एक्टर के बेटे ने दिखाया यूपीएससी की परीक्षा में कमाल

Chinni Jayanth के लाडले Srutanjay Narayanan आज इंडस्ट्री के तमाम स्टार किड्स के लिए एक प्रेरणा हैं जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की है। जहां की बच्चे इसकी कड़ी तैयारियों के बारे में सोचकर पहले ही अपना कदम पीछे कर लेते हैं वहीं श्रुतंजय के सामने की चुनौतियां थीं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। चिन्नी जयंत तमिल इंडस्ट्री के अच्छे कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने रजनीकांत की कई फिल्मों में कॉमिडी भी की है।

तिरुपुर में सब-कलेक्टर, करते थे 10-12 घंटे पढ़ाई

श्रुतंजय चाहते तो इंडस्ट्री में आसानी से एंट्री मार सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। आईएएसवह दिन अधिकारी बनने का सपना लेकर वह दिन-रात मेहनत किया करते थे। बताया जाता है कि वह कामयाबी का नशा लिए ऐसे बढ़ते रहे कि 10-12 घंटे पढ़ाई किया करते थे। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और यूपीएससी टॉप 100 रैंक में नाम आ गया। इस वक्त वो तमिलनाडु के तिरुपुर में सब-कलेक्टर के पद पर काम कर रहे हैं। उन्होंने दूसरे प्रयास में ही ये परीक्षा पास कर ली और यूपीएससी सीएसई 2019 में उन्होंने 75वीं रैंक हासिल की और साल 2020 में रिजल्ट आया।

बेटे का मन सिनेमा में करियर में नहीं लगा

मजेदार ये है कि पढ़ाई-लिखाई में हमेशा घुसे रहने वाले श्रुतंजय नारायणन ने कई स्कूल और कॉलेज नाटकों में काम किया, लेकिन कभी उन्होंने अपने पिता की तरह पेशेवर एक्टिंग नहीं की। रिपोर्ट्स के मुताबिक चिन्नी जयंत श्रुतंजय के दोस्तों को सिनेमा की बारीकियां जरूर सिखाया करते थे, लेकिन खुद के बेटे का मन सिनेमा में करियर में नहीं लगा। कहते हैं कि थिएटर में वो इसलिए काम करते ताकि अभिव्यक्ति का माध्यम ढूंढ सकें और नए दोस्त बना सकें।

आईएएस की तैयारी कर रहे थे तो नाइट शिफ्ट में काम भी करते थे

बताया जाता है कि श्रुतंजय नारायणन जब वे आईएएस की तैयारी कर रहे थे तो नाइट शिफ्ट में काम भी करते और पढ़ाई भी किया करते थे। परीक्षा से कुछ हफ्ते पहले उन्होंने अपना रुटीन बदल लिया और 4-5 घंटे सेल्फ स्टडी की जगह 10-12 घंटे रोज देने लगे। इस दौरान हेल्थ को इफेक्ट न हो इसके लिए खानपान का ध्यान और योग भी किया करते थे।

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