सेमीफाइनल की रेस से बाहर
इंग्लैंड में खेले गए इस टूर्नामेंट में भारत की शुरुआत बेहद शानदार रही थी। टीम ने अपने शुरुआती मुकाबलों में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान और फिर नीदरलैंड्स को एकतरफा अंदाज में मात दी। हालांकि, तीसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान पर बांग्लादेश को हराकर भारतीय टीम ने सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखा था लेकिन आखिरी ग्रुप मैच में मिली हार ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ झेली हार
सेमीफाइनल का टिकट पक्का करने के लिए भारत को रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को हर हाल में हराना था। भारतीय बल्लेबाजों ने पहले खेलते हुए 170 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर भी खड़ा किया लेकिन खराब गेंदबाजी के कारण टीम इस स्कोर का बचाव नहीं कर सकी। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 6 विकेट रहते ही इस लक्ष्य को हासिल कर भारत को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया।क्या छिनने वाली है हरमनप्रीत की कप्तानी?
इस दर्दनाक हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब कोच अमोल मजूमदार से हरमनप्रीत कौर के भविष्य और उनकी कप्तानी पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ किया कि अंतिम फैसला सेलेक्टर्स का होगा, लेकिन वे हरमनप्रीत के साथ बने रहने के पक्ष में हैं। मजूमदार ने बयान दिया, 'कप्तान का फैसला करना सेलेक्टर्स का काम है। लेकिन अगर मुझसे पूछें, तो मेरा छोटा और सीधा जवाब हां होगा।'कोच मजूमदार ने टीम की कमियों को स्वीकार करते हुए माना कि आगे बढ़ने के लिए गेंदबाजी और फील्डिंग के स्तर को सुधारना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने बल्लेबाजी में थोड़े और आक्रामक रुख की बात कही।











