भोपाल की सड़कों पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जब भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) की लो फ्लोर रेड बस में आग लगने की घटना होते-होते बच गई।
पूरा मामला भोपाल के लिंक रोड नंबर-1 का है, जहां बोर्ड ऑफिस चौराहे से न्यू मार्केट की ओर जा रही लो फ्लोर बस से अचानक धुआं निकलने लगा। बस में आग लगते ही ड्राइवर-कंडक्टर कूद गए। इसके बाद सवारियों को भी उतारा गया।
घटना शनिवार सुबह की ही है। बस लगातार सड़क पर दौड़ रही थी, लेकिन समय रहते चालक और यात्रियों की सतर्कता से धुएं को काबू कर लिया गया। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।
यह बस टीआर-4 रूट पर बैरागढ़ से एम्स तक संचालित होती है। बता दें कि बीसीएलएल की बसों की खराब हालत को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
बस में 8 से 10 सवारियां बैठी थी नगर निगम में एमआईसी मेंबर मनोज राठौर ने बताया कि मामला शनिवार सुबह का ही है। बस बोर्ड ऑफिस की ओर से जा रही थी। तभी पिछले हिस्से में शार्ट सर्किट की वजह से धुआं निकलने लगा। तुरंत बस को रोककर काबू पाया गया। बस में 8 से 10 सवारियां बैठी थी, जो सुरक्षित है। बस के सभी दस्तावेज पूरे है। फिर भी जांच करवाई जा रही है।
भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बुरे हाल बता दें कि भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बुरे हाल है। एक समय कुल 368 बसें सड़कों पर दौड़ रही थी, लेकिन बाद में बसें बंद होने लगी और अब इनकी संख्या 60 पर आ गई।
चार एजेंसी संभाल रही थी बसों की व्यवस्था भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में सिटी बसों का संचालन BCLL के जरिए 4 एजेंसी कर रही थी। इनमें मां एसोसिएट्स, एपी मोटर्स, श्री दुर्गांबा और आई-मोबिलिटी एजेंसी शामिल हैं। ये एजेंसियां 25 रूट पर बसें चला रही थी। इनमें से सबसे पहले पिछले साल 4 जुलाई को मां एसोसिएट्स ने 149 बसों का संचालन बंद किया था।
इसकी वजह इन बसों में टिकिट कलेक्शन करने वाली एजेंसी 'चलो एप' की ओर से प्रति किमी दी जाने वाली राशि घटाने की मांग है, लेकिन डेढ़ साल बाद भी बीसीएलएल और निगम के जिम्मेदार इस समस्या का समाधान नहीं निकाल पाए। इसके बाद अन्य एजेंसियों की बसें भी बंद होने लगी और संख्या 368 से घटकर 60 पर आ गई। 30 अक्टूबर को हुई परिषद की बैठक में यह मुद्दा काफी गरमाया रहा।
निगम कमिश्नर ने 16 नई बसें चलवाई परिषद में आसंदी से निगम कमिश्नर को बसों का संचालन करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद कमिश्नर जैन ने पहल की और बस ऑपरेटर फर्म मेसर्स इंक्यूबेट सॉफ्टटेक को शीघ्रता से आरटीओ संबंधी समस्याओं के निराकरण करने, फिर बसों का संचालन पुनः प्रारंभ करने को कहा। ऑपरेटर फर्म ने भी आरटीओ में बकाया टैक्स की राशि एवं परमिट संबंधी समस्याओं का निराकरण कर सीएनजी बसों का संचालन प्रारंभ करते हुए टीआर-4 रूट पर 16 बसें शुरू कर दी।
विधानसभा में उठ चुका मुद्दा कुछ साल पहले तक भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट काफी मजबूत हुआ करता था। लेकिन बसों के बंद होने से यात्रियों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई। इस पर हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न भी लगा चुके हैं।











