इस शो की लोकप्रियता बहुत अधिक थी, 1993 में इसे हर सप्ताह 14 लाख से अधिक चिट्ठियां मिलती थीं, जिसके कारण इसे लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह मिली। दर्शकों की प्रतिक्रिया इतनी जबरदस्त थी कि डाकघर में चिट्ठियां रखने की जगह ही नहीं बची। दरअसल, शो की टीम को चिट्ठियों की टीम तक पहुंचाने के लिए एक टेम्पो (घोड़ागाड़ी) किराए पर लेनी पड़ी।
दूरदर्शन का शो, 11 साल चला और तोड़ा 'रामायण' का रिकॉर्ड, आती थीं 14 लाख चिट्ठियां, रखनी पड़ी घोड़ागाड़ी
'रामायण' और 'महाभारत' को तो हर कोई जानता है। इन दोनों शोज को लोगों ने बड़ी संख्या में देखा और रिकॉर्ड सेट किया। लेकिन दूरदर्शन पर एक ऐसा भी शो आता था, जिसने इन शोज का भी रिकॉर्ड तोड़ा और बड़ी TRP हासिल की। इस सबसे लंबे समय तक चलने वाले कल्चरल प्रोग्राम को भारतीय टेलीविजन के इतिहास में दर्शकों से गजब का रिस्पॉन्स मिला। 'सुरभि', 1993 का एक कल्चरल प्रोग्राम था जिसने भारत की विरासत को नया आयाम दिया और बहुत जल्द ही इसने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर ली। इसे सिद्धार्थ काक और रेणुका शहाणे ने होस्ट किया था और इसमें उभरते कलाकारों ने हिस्सा लिया था।
इस शो की लोकप्रियता बहुत अधिक थी, 1993 में इसे हर सप्ताह 14 लाख से अधिक चिट्ठियां मिलती थीं, जिसके कारण इसे लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह मिली। दर्शकों की प्रतिक्रिया इतनी जबरदस्त थी कि डाकघर में चिट्ठियां रखने की जगह ही नहीं बची। दरअसल, शो की टीम को चिट्ठियों की टीम तक पहुंचाने के लिए एक टेम्पो (घोड़ागाड़ी) किराए पर लेनी पड़ी।
इस शो की लोकप्रियता बहुत अधिक थी, 1993 में इसे हर सप्ताह 14 लाख से अधिक चिट्ठियां मिलती थीं, जिसके कारण इसे लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह मिली। दर्शकों की प्रतिक्रिया इतनी जबरदस्त थी कि डाकघर में चिट्ठियां रखने की जगह ही नहीं बची। दरअसल, शो की टीम को चिट्ठियों की टीम तक पहुंचाने के लिए एक टेम्पो (घोड़ागाड़ी) किराए पर लेनी पड़ी।











