इससे सरकार पर एक हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। वहीं सरकार जनवरी से जून तक के महंगाई भत्ते का एरियर भी देगी, जो तीन समान किस्तों में अक्टूबर, नवंबर एवं दिसंबर में दिया जाएगा। सरकार छठवें और निगम-मंडल, उपक्रम एवं अनुदान प्राप्त संस्थाओं के उन कर्मचारियों को अनुपातिक आधार पर महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ देगी, जो शासन में प्रतिनियुक्ति पर हैं और चौथा एवं पांचवां वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं।
प्रदेश में कर्मचारियों को अभी 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि केंद्रीय कर्मचारियों को जनवरी 2023 से 42 प्रतिशत भत्ता दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 जून को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता देने की घोषणा की थी।
सरकार ने छठवां वेतनमान प्राप्त कर रहे कर्मचारियों का भी महंगाई भत्ता चार प्रतिशत के हिसाब से समानुपातिक रूप से बढ़ाया है। चार प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने से सरकार के ऊपर प्रतिवर्ष एक हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। जनवरी से जून 2023 महंगाई भत्ते के अंतर की राशि तीन किस्तों में देने पर करीब पांच सौ करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
नौ प्रतिशत पीछे हो गए पेंशनर
प्रदेश के साढ़े चार लाख पेंशनर को 33 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिल रही है, जबकि कर्मचारियों को जुलाई से 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। पेंशनर अब नौ प्रतिशत पीछे हो गए हैं। शिवराज सरकार पेंशनरों को भी कर्मचारियों के बराबर महंगाई राहत देने का निर्णय कर चुकी है।
छत्तीसगढ़ सरकार से सहमति भी मांगी है, जो अभी नहीं मिली। वित्त विभाग दो बार स्मरण पत्र भी लिख चुका है। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता पांच प्रतिशत बढ़ाकर 38 प्रतिशत किया है। पेंशनर एसोसिएशन मध्य प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गणेश दत्त जोशी का कहना है कि महंगाई राहत में भी वृद्धि की संभावना थी पर ऐसा नहीं हुआ।
एक हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार
महंगाई भत्ता बढ़ने पर किस संवर्ग को कितना लाभ
संवर्ग -- लाभ (प्रतिमाह रुपये में)
प्रथम -- 4000 से 6500
द्वितीय -- 2800 से 4500
तृतीय -- 1400 से 3000
चतुर्थ -- 900 से 1600
संविदा कर्मचारियों को 750 से 10 हजार का लाभ
प्रदेश के सभी विभाग, निगम, मंडल और प्राधिकरणों में कार्यरत ढाई लाख संविदा कर्मचारियों को सरकार नियमित कर्मचारियों के समान (सौ प्रतिशत) वेतन देगी। जुलाई के वेतन से यह लाभ मिलेगा। यानी अगस्त का वेतन बढ़कर आएगा। इसमें कर्मचारियों की श्रेणीवार 750 से 10 हजार रुपये का लाभ होगा। अभी तक इन कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तुलना में 90 प्रतिशत वेतन मिलता था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संविदा महाकुंभ में पिछले दिनों यह घोषणा की थी।
सरकार संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश, चिकित्सा बीमा सहित अन्य लाभ भी देगी। संविदा नीति में यह प्रविधान किए गए हैं, जिसे मंगलवार को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। इन कर्मचारियों को जुलाई से बढ़ाए जा रहे चार प्रतिशत महंगाई भत्ते का भी लाभ मिलेगा। वित्त विभाग के सूत्रों का कहना है कि जो जिस पद पर काम कर रहा है, उसके अनुसार आकलन होगा। जिस संवर्ग को महंगाई भत्ता मिल रहा है, उसे वह मिलता रहेगा। इसी तरह कुछ संवर्गों को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर राशि मिलती है। यह व्यवस्था भी बनी रहेगी।
किसे कितना लाभ मिलेगा (कर्मचारियों द्वारा किया गया आंकलन)
संवर्ग- वर्तमान वेतन- दस प्रतिशत वृद्धि
जिला ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिकारी- 64 हजार 754-75 हजार 546
सहायक यंत्री (जिला)- 61 हजार 770- 72 हजार 064
सहायक संचालक कृषि/उद्यानिकी-61 हजार 770- 72 हजार 064
लेखाधिकारी- 61 हजार 770- 72 हजार 064
मीडिया अधिकारी- 61 हजार 770- 72 हजार 064
वरिष्ठ डाटा प्रबंधक- 40 हजार 588- 47 हजार 352
जिला समन्वयक- 38 हजार- 44 हजार 100
लेखापाल- 23 हजार 725- 27 हजार 679
डाटा एंट्री आपरेटर- 23 हजार 725- 27 हजार 679
सहायक वार्डन- 18 हजार- 24 हजार 120
ब्लाक समन्वयक- 17 हजार 250- 23 हजार 500
प्रयोगशाला तकनीशियन- 9 हजार 44- 10 हजार 548
प्रयोगशाला सहायक- 4 हजार 270- 4 हजार 982











