वारः बुधवार, विक्रम संवतः 2082, शक संवतः1947, माह/पक्ष: आषाढ़ मास – शुक्ल पक्ष, तिथि: चतुर्दशी रात 1 बजकर 36 मिनट तक उसके बाद पूर्णिमा तिथि रहेगी. चंद्र राशिः वृश्चिक रात 3 बजकर 14 मिनट तक उसके बाद धनु रहेगी. चंद्र नक्षत्र: मूल रहेगा. योगः ब्रह्म रात 10 बजकर 8 मिनट तक उसके बाद ऐंद्र योग रहेगा. अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11 बजकर 31 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक . दुष्टमूहर्त: चतुर्दशी में कोई भी शुभ कार्य न करें. सूर्योदयः सुबह 5 बजकर 35 मिनट पर. सूर्यास्तः शाम 7 बजकर 13 मिनट पर. राहूकालः 12 बजकर 24 मिनट से 2 बजकर 6 मिनट तक. तीज त्योहार: कोई नहीं. भद्रा: रात 1 बजकर 36 मिनट से प्रारंभ. पंचक: नहीं है.
आज का दिशा शूल़ : बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल रहता है इसमें यात्रा वर्जित रहती है यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो यात्रा प्रारम्भ करने से पहले पांच कदम उल्टे विपरीत दिशा में चलें, इसके बाद ही यात्रा प्रारम्भ करें. इन चौघड़िया मुहर्तो में यात्रा हरा धनिया अथवा (सफेद) तिल खा कर आरंभ कर सकते है .
आज दिन के चौघड़िया मुहूर्त :
लाभ चौघड़िया – सुबह 5:35 से 7:16 तक
अमृत चौघड़िया – सुबह 7:16 से 8:59 तक
शुभ चौघड़िया – सुबहृ 10:41 से दोपहर 12:24 तक.
चर चौघड़िया – दोपहर 3:48 से सायं 5:30 तक.
लाभ चौघड़िया – शाम 5:30 से 7:13 तक.
आज रात के चौघड़िया मुहूर्त :
शुभ चौघड़िया – रात 7:13 से 8:30 तक.
अमृत चौघड़िया – 9:48 से 11:06 तक
चर चौघड़िया – रात 11:06 से 12:24 तक.
लाभ चौघड़िया – रात 3:00 से सुबह 4:18 तक.
चौघड़िया मुहूर्त यात्रा के लिए विशेष रूप से शुभ है और अन्य शुभ कार्यों के लिए भी शुभ है .











