प्रभु श्रीनाथजी को लगाया 80 प्रकार के व्यंजनों का भोग, गायत्री शक्तिपीठ ने निकाली कलश यात्रा

प्रभु श्रीनाथजी को लगाया 80 प्रकार के व्यंजनों का भोग, गायत्री शक्तिपीठ ने निकाली कलश यात्रा

भोपाल। पुराने शहर के लखेरापुरा में स्थित श्रीजी मंदिर में पुरुषोत्तम मास महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी के तहत बुधवार को अन्नकूट उत्सव मनाया गया। प्रभु श्रीनाथ को 80 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। जिसमें विभिन्न तरह की मिठाइयां, बर्फी, मटरी, बूंदी, दूध, दही सहित अन्य पकवान शामिल थे। श्रदधालुओं ने चिर जीवो लाल गोवर्धन धारी जैसे भजन गाए और भगवान की आरती की। इसके बाद यह विशेष प्रसाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।

मंदिर के मुखिया पंडित श्रीकांत शर्मा ने बताया कि गुरुवार को सावन के झूले के दर्शन होंगे। एक विशेष झांकी सजाई जाएगी, जिसमें प्रभु श्रीनाथ हरी पत्तियों से बने झूले में विराजमान होंगे। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।


गायत्री परिवार ने कलश यात्रा के जरिए दिया पौधारोपण का संदेश

गायत्री परिवार भोपाल की ओर अमृत कलश के माध्यम से संजीवनी साधना कराई गई। महीने भर की साधना के बाद पूर्णाहुति 24 कुंडी गायत्री महायज्ञ के माध्यम से गायत्री शक्तिपीठ भोपाल पर संपन्न हुई। इसके बाद वृक्ष गंगा कांवड़ एवं शक्ति कलश यात्रा निकाली गई। इसके जरिए मां धरती को हरी चुनरी ओढ़ाने, पर्यावरण संतुलन के अंतर्गत अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए आमजन को प्रेरित किया गया। इसमें कहा गया कि अपने जीवन में एक वृक्ष जरूर लगाएं। ये वृक्ष वायु प्रदूषण, कल-कारखानों का धुआं आदि को अपने में सोख करके हमें शुद्ध वायु आक्सीजन देते हैं। यही श्रावण मास, अधिकमास या पुरुषोत्तम मास की साधना का महत्व एवं सार्थकता है। प्रज्ञा पीठ से आरपी हजारी के मार्गदर्शन में अमृत कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। कलश यात्री गायत्री शक्तिपीठ से शुरू होकर, बोर्ड आफिस, ज्योति टाकीज, प्रेस कांप्लेक्स होते हुए वापस गायत्री शक्तिपीठ पहुंचकर संपन्न हुई। इस कलश यात्रा में 600 बहनें मंगल कलश अपने सर पर रखकर और कुछ बहनें पौधे कावड़ अपने कंधों पर रखकर चल रही थीं।



Advertisement