भोपाल जिला जेल में लगाए 72 सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रांग रूम पर चौबीस घंटे नजर, मतगणना की पुख्ता तैयारियां

भोपाल जिला जेल में लगाए 72 सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रांग रूम पर चौबीस घंटे नजर, मतगणना की पुख्ता तैयारियां
भोपाल। जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना से पहले जिला जेल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बालाघाट वाली घटना सामने आने के बाद से पुलिस -प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। जिला जेल में 72 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे स्ट्रांग रूम पर चौबीस घंटे नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही अंदर-बाहर 200 से अधिक पुलिस जवानों को सुरक्षा में तैनात किया गया है, जो कि अलग-अलग शिफ्ट में पहरा दे रहे हैं। बता दें कि पिछले विधानसभा चुनावों की मतगणना के लिए लगभग 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लेकिन इस बार 42 अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं।

तीन दिन शेष, अंतिम चरण में तैयारियां

सात विधानसभा क्षेत्र के मतों की गिनती तीन दिसंबर को सुबह आठ बजे से जिला जेल में शुरू की जाएगी। इसके चलते प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। यहां पर मतगणना के लिए लाउडस्पीकर लगाए जा रहे हैं, जिससे हर राउंड के मतों की गिनती प्रत्याशी, प्रतिनिधि सहित अन्य को आसानी से सुनाई दे सके। मतगणना के दौरान किसी तरह की बिजली समस्या न उत्पन्न हो, इसके लिए स्थायी रूप से जनरेटर रखा गया है, जिस पर चौबीस घंटे बिजली कर्मचारी मौजूद हैं।

छावनी में बदल जाएगी जेल व आसपास का क्षेत्र

मतगणना के दिन जिला जेल व आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से छावनी में बदल जाएगा। यहां लगभग 500 से अधिक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। जेल रोड पर परिसर में प्रवेश के लिए बने मुख्य द्वार से ही बैरिकेडिंग शुरू कर दी गई है। जबकि जेल के मुख्य द्वार पर बहुत पुख्ता बैरिकेडिंग की गई है, जिससे आसानी से कोई भी अंदर प्रवेश नहीं कर सकेगा। अंदर जाने वाले व्यक्ति को केंद्रीय निर्वाचन आयोग या फिर जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी पत्र दिखाना होगा। इसके साथ ही मौके पर मौजूद अधिकारी के मांगे जाने पर अपना पहचान पत्र भी दिखाना होगा।

पहले होगी अधिकारी-कर्मचारियों के मतों की गणना

जिले की सात विधानसभा क्षेत्र के मतों की गणना सुबह आठ बजे से शुरू होगी। जिला जेल में सातों विधानसभा की दो हजार 49 ईवीएम अलग-अलग स्ट्रांग रूम में रखी हैं। इसी तरह डाक मतपत्र भी स्ट्रांग रूम में रखे हुए हैं। सबसे पहले सुबह आठ बजे 11 हजार शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों के डाक मतपत्रों की गिनती होगी। इसके आधा घंटा बाद ईवीएम मतों की गणना की जाएगी। उम्मीदवारों को प्रत्येक चरण के बाद प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके लिए फोटोकापी मशीनें लगाई गई हैं।

प्रत्याशियों के अनुसार टेबल संख्या

विधानसभा चुनाव में हर बार मतगणना के दौरान 14- 14 टेबल लगाई जाती थीं, लेकिन इस बार प्रत्याशियों की संख्या के अनुसार टेबल लगाई जा रही हैं। सबसे ज्यादा टेबल नरेला विधानसभा के लिए 21 रहेगी। इसके अलावा हुजूर और गोविंदपुरा के लिए 20-20 रहेगी। बैरसिया और उत्तर के लिए 16-16 और मध्य के लिए 14 टेबल पर मतगणना होगी। दक्षिण-पश्चिम में सबसे ज्यादा सरकारी कर्मचारी हैं। इस कारण यहां पर डाक मतपत्रों की गिनती के लिए सबसे ज्यादा पांच टेबल लगेंगी। इसके बाद गोविंदपुरा में चार, हुजूर में तीन टेबल रहेंगी। बैरसिया, उत्तर और मध्य के लिए सिर्फ दो -दो टेबल लगाई जाएंगी।

इनका कहना है

विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए जिला जेल में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार 72 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे स्ट्रांग रूम पर चौबीस घंटे नजर रखी जा रही है। वहीं, जेल के अंदर व बाहर 200 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।

                                                                - आशीष सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर, भोपाल

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