आयुष्मान कार्ड न बनाने पर 70 आशा कार्यकर्ता निलंबित, महीनों से अटका वेतन

आयुष्मान कार्ड न बनाने पर 70 आशा कार्यकर्ता निलंबित, महीनों से अटका वेतन
नवदुनिया प्रतिनिधि, नवदुनिया प्रतिनिधि। केन्द्र सरकार देशभर की आशा कार्यकर्ताओं को आयुष्मान योजना का लाभ दे रही है। अंतरिम बजट में आशा कार्यकर्ताओं को आयुष्मान के साथ अन्य कई सुविधाएं दी गईं। वहीं प्रदेश में आयुष्मान कार्ड ना बनाने पर 70 से ज्यादा आशा कार्यकर्ताओं को निलंबित कर दिया गया। यही नहीं, प्रदेश में हजारों आशा कार्यकर्ताओं को तीन से चार महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा। अब हालात यह हैं कि वेतन न मिलने से कई परिवार घर चलाने के लिए कर्ज ले रहे हैं।

शिवराज से लगाई गुहार

यही नहीं इनमें से कई महिलाएं परिवार में कमाने वाली अकेली सदस्य हैं, इसके बावजूद वे महीनों से बिना वेतन काम करने को मजबूर हैं। विभाग से परेशान आशा कार्यकर्तााएं अब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से गुहार लगा रही हैं। बीते दो दिनों में शहरी और ग्रामीण दोनों आशा कार्यकर्ता संगठनों ने पूर्व मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा।

परिवार में अकेली कमाने वाली

भोपाल की जेबा खान परिवार में अकेली कमाने वाली हैं। एक छोटी बेटी है। वे बताती हैं कि तीन महीने से वेतन नहीं मिला, ऐसे में घर चलाना बहुत मुश्किल है। छोटे-मोटे काम कर कर जैसे-तैसे घर की जरूरतें पूरी कर रही हैं।

14 महीने से नहीं मिला वेतन

शिवपुरी की रहने वाली अहिल्या परिहार ने बताया कि उन्हें 14 महीने से सैलरी नहीं मिली। परिवार के पास छोटा सा खेत है, लेकिन उससे इतनी कमाई नहीं होती कि परिवार चलाया जा सके। बच्चों की पढ़ाई और अन्य खर्च के लिए कर्ज तक लेना पड़ता है।

एक आशा कार्यकर्ता राधिका का कहना है कि अधिकतर आशा कार्यकर्ता पांचवी पास है। इन्हें आयुष्मान कार्ड के अलावा अन्य सर्वे का काम दिया गया है। इस काम की कई जानकारियां अंग्रेजी में होती है। ऐसे में आशा कार्यकर्ताएं यह जानकारी नहीं भर पाती। यही कारण है कि उन्हें अयोग्य बताकर हटा दिया गया।

इनका कहना है

आशा कार्यकर्ताओं के पास मां और बच्चे से जुड़े 42 तरह के काम होते हैं। इसके अलावा अब उन्हें आयुष्मान योजना, यूविन पोर्टल, दस्तक अभियान, टीबी सर्वे और कुष्ठ सर्वे का अतिरिक्त काम भी दे दिया है। इसके बावजूद उन्हें सैलरी नहीं दी जा रही। ऐसे में कैसे घर चलेगा।

-विभा श्रीवास्तव, अध्यक्ष, आषा-ऊषा सहयोगिनी संगठन

सैलरी नहीं मिल रही इसकी जानकारी नहीं है। हमें कोई ज्ञापन या अन्य जानकारी दी गई। नियमानुसार जो भी होगा, वह किया जाएगा।

- डा. प्रभाकर तिवारी, सीएमएचओ, भोपाल
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