इस साल दीपोत्सव की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस के साथ होगी। ज्योतिष मठ संस्थान के अनुसार पांच दिवसीय दीपोत्सव 6 से 11 नवंबर तक मनाया जाएगा। तिथियों की वृद्धि के कारण इस बार त्योहारों की तारीखों में बदलाव रहेगा।
नरक चतुर्दशी की तिथि दो दिन तक व्याप्त रहने के कारण 7 और 8 नवंबर को इससे जुड़े धार्मिक आयोजन होंगे, जबकि दीपावली और महालक्ष्मी पूजन 8 नवंबर को किया जाएगा।
ज्योतिष मठ संस्थान के पंचांग कार्यकर्ता पं. विनोद गौतम के अनुसार, 6 नवंबर शुक्रवार को धनतेरस और धन्वंतरि जयंती मनाई जाएगी। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी। इस दिन पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6:02 से 7:57 बजे तक रहेगा। भोपाल में प्रदोष काल के अनुसार शाम 5:41 से 8:12 बजे तक का समय श्रेष्ठ रहेगा।
इसके अगले दिन 7 नवंबर को नरक चतुर्दशी की शुरुआत होगी, जो 8 नवंबर की सुबह तक रहेगी। इसी कारण छोटी दीपावली, नरक चतुर्दशी और हनुमान जयंती से जुड़े आयोजन दो दिन तक होंगे। 8 नवंबर को अभ्यंग स्नान का मुहूर्त सुबह 5:41 से 6:38 बजे तक और हनुमान पूजन का समय सुबह 6:40 से 8:50 बजे तक रहेगा। शाम को यम दीपदान और घर में 14 दीप जलाने का विशेष महत्व बताया गया है।
8 नवंबर को महालक्ष्मी पूजन
दीपोत्सव का प्रमुख पर्व दीपावली 8 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा। अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे से शुरू होकर 9 नवंबर दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। महालक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 से 7:50 बजे तक बताया गया है। भोपाल में यह समय लगभग शाम 6:05 से 8 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 5:31 से 8:09 बजे तक और निशीथ काल रात 11:39 से 12:31 बजे तक रहेगा।
इसके बाद 10 नवंबर मंगलवार को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व मनाया जाएगा। प्रतिपदा तिथि 9 नवंबर दोपहर 12:31 बजे से शुरू होकर 10 नवंबर दोपहर 2:02 बजे तक रहेगी। गोवर्धन पूजा का सुबह का मुहूर्त 6:40 से 8:50 बजे तक और अन्नकूट का समय दोपहर 3:46 से शाम 6:02 बजे तक रहेगा। इस दिन गौ-पूजन और गोवर्धन परिक्रमा का विशेष महत्व है।
11 नवंबर को भाई दूज से समापन
पांच दिवसीय दीपोत्सव का समापन 11 नवंबर बुधवार को भाई दूज और यम द्वितीया के साथ होगा। द्वितीया तिथि 10 नवंबर दोपहर 2 बजे से शुरू होकर 11 नवंबर दोपहर 3:53 बजे तक रहेगी। भाई दूज पर बहनों के तिलक करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:10 से 3:20 बजे तक बताया गया है। भोपाल में यह समय लगभग दोपहर 1:30 से 3:46 बजे तक रहेगा।

