इंदौर में चल रही 40 इलेक्ट्रिक बसें, भोपाल और जबलपुर 5 साल से कर रहे इंतजार

इंदौर में चल रही 40 इलेक्ट्रिक बसें, भोपाल और जबलपुर 5 साल से कर रहे इंतजार
भोपाल। प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए पिछले 5 साल से कवायद चल रही है, लेकिन यह योजना अभी तक पूरी तरह से धरातल पर नहीं उतर पाई है । योजना के तहत वर्ष 2019 में सबसे पहले इंदौर, भोपाल और जबलपुर को शामिल किया गया था।इंदौर में इंफ्रास्ट्रक्चर के बनने के बाद 40 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया, लेकिन भोपाल और जबलपुर के नागरिक लंबे समय से इलेक्ट्रिक बसों के चलने का इंतजार कर रहे हैं। उक्त दोनों शहरों में बसों के नहीं चल पाने की मुख्य वजह इंफ्रास्ट्रक्चर का नहीं बन पाना बताया जा रहा है।

हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 6 शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसों के चलाने की बात कही है। इसके मद्देनजर नगरीय प्रशासन विभाग अब निकायों में आधारभूत संरचनाएं तैयार करने जोर दे रहा है, ताकि इलेक्ट्रिक बसों के आने से पहले डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार हो सकें।

भोपाल में नहीं बन पाया चार्जिंग स्टेशन

भोपाल में 100 इलेक्ट्रिक बसों चलाने की योजना बनी थी। जब इस बात की घोषणा हुई तब से शहरवासी इलेक्ट्रिक बसों के चलने का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार बसों को चार्ज करने के लिए दो चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने का काम भी शुरू था, लेकिन कुछ दिनों बाद काम बंद हो गया। काम क्यों बंद हुआ, इस बारे में जिम्मेदार अधिकारियों से जब पूछा गया तो वह स्पष्ट रूप पर कुछ नहीं बता पाए।

जबलपुर में बनेंगे 31 चार्जिंग

स्टेशन प्रदेश के शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा देने के लिए भोपाल 63, इंदौर में 123 और जबलपुर में 31 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने हैं। वर्तमान में इंदौर में करीब 40 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके चलते वहां वर्तमान में 7 चार्जिंग स्टेशन बन चुके हैं। शेष चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य की प्रक्रिया प्रचलन में बताया जा रहा है।


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