🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2080*
🌤️ *शक संवत - 1945*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ऋतु*
🌤️ *मास - चैत्र (गुजरात और महाराष्ट्र अनुसार फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - षष्ठी रात्रि 09:30 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र - जेष्ठा रात्रि 10:57 तक तत्पश्चात मूल*
🌤️ *योग - व्यतीपात रात्रि 09:53 तक तत्पश्चात वरीयान*
🌤️ *राहुकाल - शाम 05:21 से शाम 06:53 तक*
🌞 *सूर्योदय - 06:33*
🌤️ *सूर्यास्त - 18:52*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण -*
💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*💥 रविवार के दिन.............. तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*











