भोपाल। धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर कुल 232 रजिस्ट्रियां हुई हैं जो कि पिछले साल धनतेरस पर हुई 425 रजिस्ट्रियों से कुल 193 कम हैं।कम रजिस्ट्री होने के पीछे की वजह विधानसभा चुनाव के दौरान लगी आचार संहिता बताई जा रही है। दरअसल लोग प्रापर्टी की खरीदारी करने के लिए नकद राशि भी निवेश करते हैं। जबकि आचार संहिता में 50 हजार रुपये से अधिक नकदी एक व्यक्ति नहीं रख सकता है यही कारण रहा कि रजिस्ट्रियों की संख्या घट गई।बता दें कि धनतेरस पर अच्छे कारोबार की उम्मीद करते हुए पंजीयन विभाग ने प्रति सब रजिस्ट्रार 80 स्लाट कर दिए थे।इस तरह 13 सब रजिस्ट्रार के अनुसार कुल 1040 स्लाट रजिस्ट्ररी कराने के लिए खोले गए थे।
जानकारी के अनुसार धनतेरस के शुभ मुहूर्त में परी बाजार, आईएसबीटी स्थित पंजीयन कार्यालयों में रजिस्ट्री के लिए सुबह 10 बजे से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था।इस दौरान आईएसबीटी स्थित पंजीयन कार्यालयाें में तो प्रापर्टी के खरीदारों की भीड़ रही, जहां कुल 152 रजिस्ट्रियां दर्ज की गई है। जबकि परी बाजार स्थित कार्यालय में आम दिनों की तरह प्रापर्टी के खरीदार पहुंचे। जिससे कुल 48 रजिस्ट्रियां दर्ज की गई है और अन्य रजिस्ट्री बैरसिया स्थित पंजीयन कार्यालयों में हुई हैं। इस तरह से कुल 232 रजिस्ट्रियां धनतेरस पर दर्ज हुई हैं। जिससे विभाग को दो करोड़ रुपये का राजस्व मिला है और कुल 150 करोड़ रुपये के सौदे हुए हैं। जबकि पिछले साल 22 अक्टूबर शनिवार को धनतेरस थी और पंजीयन कार्यालय अवकाश के दिन भी खोले गए थे।लोगों ने एक दिन पहले ही स्लाट बुक कराकर धनतेरस के शुभ मुहूर्त तक कुल 475 से अधिक रजिस्ट्रिंया करा ली थी।जिससे पंजीयन विभाग को कुल सात करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था और कुल 700 करोड़ के सौदे हुए थे।











