बिजली बिल वसूली स्थगित करने का असर, 22 हजार उपभोक्ताओं पर 14.19 करोड़ रुपये बकाया

बिजली बिल वसूली स्थगित करने का असर, 22 हजार उपभोक्ताओं पर 14.19 करोड़ रुपये बकाया

सारंगपुर। सारंगपुर में विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने 1 किलोवाट वाले घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली के पुराने बिलों की वसूली स्थगित कर दी थी। इसके बाद से उपभोक्ताओं को सिर्फ वर्तमान माह के बिल ही जारी हो रहे हैं।

ऐसे में दो माह तो अच्छे से निकल गए और लोगों ने दीपावली भी मना ली लेकिन अब चुनाव खत्म हो गए हैं और 3 दिसंबर को परिणाम भी आ जाएंगे। ऐसे में अब उपभोक्ताओं को डर है कि सरकार बनते ही कहीं बकाया राशि की वसूली ना हो जाए। क्योंकि बकाया राशि को लेकर सरकार ने कुछ स्पष्ट नहीं किया था।

अचानक बकाया राशि की व्यवस्था करना मुश्किल

लोगों का कहना है कि अगर सरकार बकाया राशि माफ कर दे तो बेहतर है। नहीं तो अचानक से बकाया राशि की व्यवस्था करना मुश्किल होगी। सारंगपुर सब डिवीजन में बिजली कंपनी के घरेलू और गैर घरेलू मिलाकर हजारों अधिक उपभोक्ता हैं। इनमें से 1 किलोवाट तक वाले घरेलू उपभोक्ता करीब 22 हजार के आसपास हैं।

सितंबर में सरकार की घोषणा के बाद करीब 22 हजार उपभोक्ताओं की बकाया राशि स्थगित हुई थी, जो करीब 14.19 करोड़ रुपए के आसपास थी। इसकी वसूली अभी नहीं हुई है। हालांकि राशि होल्ड होते ही उस पर लगने वाली पेनल्टी भी स्थगित हो गई थी। ऐसे में उपभोक्ताओं से वसूली होती है तो उन्हें सिर्फ मूल बकाया राशि ही जमा करानी होगी।

बिजली कंपनी को सरकारी आदेश का इंतजार

इधर बिजली कंपनी को इंतजार है तो सरकारी आदेश का। जो संभवत: दिसंबर में जारी हो सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं की परेशानी तब बढ़ सकती है जब उनसे बकाया राशि की वसूली एकमुश्त होगी। सबकुछ आनलाइन, इसलिए एक क्लिक में जुड़ जाएगी राशि आदेश मिलने पर प्रोसेस होगी।

बिजली कंपनी के प्रभारी सहायक यंत्री मनोज इन्वाते ने बताया कि विभाग से घरेलू उपभोक्ताओं के 31 जुलाई 2023 तक के बकाया बिजली बिल स्थगित किए थे। वसूली को लेकर अभी कोई आदेश नहीं मिले हैं। जो आदेश मिलेंगे, उस अनुसार प्रोसेस की जाएगी।

विधान सभा उपचुनाव में समाधान योजना से वसूली थी राशि

विधानसभा उपचुनाव के समय भी उपभोक्ताओं के बकाया बिल स्थगित किए गए थे, बाद में सरकार ने समाधान योजना लागू करके वसूली थी। पहली शर्त में उपभोक्ता को स्थगित मूल राशि का 60 फीसदी एकमुश्त जमा कराना था और 40 फीसदी माफ की गई थी। वहीं स्थगित राशि का 75 फीसदी 6 किश्तों में भुगतान करने और 25 फीसदी मूल बकाया राशि माफ किए गए थे।

इस बार स्थगित बकाया राशि का सरकार क्या करती है, ये अभी तय नहीं है। बिजली कंपनी के अधिकांश काम आनलाइन हो गए हैं। चाहे रीडिंग लेना हो या बिल जनरेट करना हो। लोगों को रीडिंग सहित बिलों के मैसेज भी सीधे उनके फोन पर ही भेजे जा रहे हैं। सरकारी आदेश मिलते ही बकाया राशि एक क्लिक करते ही सॉफ्टवेयर लोगों के बिलों में जोड़ देगा और आगामी माह के साथ राशि जुड़कर आ जाएगी।


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