20 बिस्तरों की सुविधा मिलेगी:जेपी अस्पताल में नए ट्रॉमा और इमरजेंसी भवन का रास्ता साफ

20 बिस्तरों की सुविधा मिलेगी:जेपी अस्पताल में नए ट्रॉमा और इमरजेंसी भवन का रास्ता साफ

जेपी अस्पताल में नए ट्रॉमा और इमरजेंसी भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। अस्पताल प्रबंधन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की मदद से नई बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है। इसकी ग्राउंड फ्लोर में ट्रामा और इमरजेंसी विभाग शिफ्ट किया जाएगा। अभी जेपी अस्पताल में 7 बेड का ट्रामा सेंटर है, लेकिन नई बिल्डिंग में यह 20 बिस्तरों का हो जाएगा।

इसके बाद मरीज को ट्रामा में स्टेबलाइज कर संबंधित विभाग में भेजा जाएगा। बता दें कि नया भवन मौजूदा ट्रॉमा और इमरजेंसी ब्लॉक से जुड़ा होगा और इसे नाले की ओर दो मंजिला बनाया जा रहा है। चोट के मरीजों और इमरजेंसी मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए जाएंगे। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के लिए विशेष कक्ष होंगे, जिससे मरीजों को तेजी से इलाज मिल सकेगा।

ट्रॉमा सेंटर ऐसे अपग्रेड होगा

  • ओपीडी भवन के ऊपर एक और मंजिल बनेगी, जिससे ओपीडी में मरीजों को सुविधाएं मिलेंगी।
  • इमरजेंसी मरीजों की जांच के लिए ग्राउंड फ्लोर पर लैब होगी, जिससे जांच व रिपोर्ट मिलने में तेजी आएगी।
  • सीटी स्कैन और एक्स-रे पहले से मौजूद हैं, जिससे ट्रॉमा मरीजों को जल्द इलाज मिलेगा।

ट्रॉमा सेंटर इसलिए जरूरी

  • जेपी अस्पताल में रोजाना सैकड़ों इमरजेंसी मरीज आते हैं, लेकिन मौजूदा सुविधा सीमित है।
  • नया भवन बनने से बेहतर इलाज, तेज़ी से जांच और अधिक मरीजों की देखभाल संभव होगी।
  • आधुनिक लैब, बड़े ऑपरेशन थिएटर और सौंदर्यीकरण से अस्पताल में इलाज का स्तर बढ़ेगा।

​​​​​​​^राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने जो प्लान दिया है। इसके अनुसार नया ट्रॉमा ब्लॉक मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जरूरी है। इमरजेंसी सेवाओं में सुधार से मरीजों की जान बचाने में तेजी आएगी। इसके लिए हमारे दो डॉक्टर्स एम्स में ट्रेनिंग ले चुके हैं। डॉ. राकेश श्रीवास्तव, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल


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