लोकार्पण से पहले ही उखड़ने लगा 134 किमी लंबा उज्जैन-झालावाड़ रोड

लोकार्पण से पहले ही उखड़ने लगा 134 किमी लंबा उज्जैन-झालावाड़ रोड

उज्जैन । भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) द्वारा निर्माणाधीन 134 किलोमीटर लंबा उज्जैन-आगर-झालावाड़ रोड लोकार्पण से पहले ही उखड़ने लगा है। अपडाउनर्स का कहना है कि मार्ग पहली बरसात भी नहीं झेल पा रहा। ये घटिया निर्माण और एनएचएआइ की मानीटरिंग में लापरवाही का नतीजा है। सरफेस उखड़ने से सड़क पर फैली गिट्टी-चूरी के कारण बाइक वालों का बैलेंस बिगड़ रहा। कुछ तो स्लिप होकर दुर्घटना के शिकार भी हो रहे। मामले में ‘नईदुनिया’ ने कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम और एनएचएआइ के परियोजना निदेशक एमएल पूर्बिया से इस स्थिति को लेकर सवाल किया पर जवाब नहीं मिला।

रोड़ चौड़ा करने का काम समय सीमा में पिछड़ गया

राष्ट्रीय राज्य मार्ग क्रमांक 552- जी के नाम से पहचाने जाने वाले उज्जैन-आगर-झालावाड़ रोड को 10 मीटर चौड़ा करने का कार्य समय सीमा से पिछड़ गया है। अनुबंध अनुसार एनएचएआइ से अनुबंधित ठेकेदार फर्म मुंबई की जीएचवी कंस्ट्रक्शन कंपनी को दो वर्ष की अवधि में प्रोजेक्ट पूरा करके देना था, मगर ऐसा न हो सका। इसके कई कारण रहे। मुख्य कारण, कुछ महीने पहले प्रोजेक्ट में एक बड़ा संशोधन कर दिया जाना है। संशोधन ये कि उज्जैन शहर की सीमा (आगर रोड नाका नंबर पांच) से घोंसला तक 27 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनाया जाएगा।

प्रोजेक्ट पूरा होने पर टोल वसूली होगी शुरू

संशोधन अनुरूप काम शुरू हुआ। एनएचआइ ने प्रोजेक्ट की लागत भी 346 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 390 करोड़ रुपये कर दी। कंपनी पर अनुबंधित अवधि में ही काम पूरा करने का दबाव बनाया गया, पर समयावधि में काम पूरा न हो पाया। वर्तमान में आरडी गार्डी मेडिकल कालेज से नाका नंबर-5 तक मार्ग का एक हिस्सा बन गया है। दूसरे हिस्से में काम जारी है। दावा है कि 30 सितंबर 2023 से पहले प्रोजेक्ट पूर्ण कर लिया जाएगा। प्रोजेक्ट पूर्ण होने के बाद मार्ग पर टोल टैक्स वसूली भी प्रारंभ हो जाएगी।

विशेषज्ञ ने ये बताई वजह

सड़क की ऊपरी सतह के टूटने, डामर से गिट्टी-चूरी अलग होकर फैलने की स्थिति के तीन मुख्य कारण होते हैं। पहला, आवश्यकता से बढ़े आकार की गिट्टी चूरी का उपयोग। दूसरा, डामर की कमी। तीसरा, सरफेस बिछाते वक्त जिस दबाव की आवश्यकता होती है, वो दबाव न पड़ना। इनमें सड़क बनाने वक्त ग्रेडेशन की मात्रा का विशेष ख्याल रखना होता है। - बीडी शर्मा, सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री, पीआइयू

यह भी जानिए

- जून- 2021 में साढ़े पांच मीटर चौड़े उज्जैन-आगर- झालावाड़ मार्ग को 10 मीटर चौड़ा करने का काम शुरू किया था।

- मार्ग चौड़ा होने से सड़क दुर्घटना में कमी आने, समय और पेट्रोल-डीजल की खपत कम होने का दावा किया जा रहा है।

- मार्ग के दोनों तरफ स्कूल-कालेज, अस्पताल, कालोनियां और उद्योग खोलने की तैयारी निवेशकों ने की है।

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