भोपाल। कार्यक्रम के प्रारंभ में योग विज्ञान के प्रादुर्भाव से लेकर आज की अंतर्राष्ट्रीय योग स्थिति पर श्री सुभाष दुबे जी द्वारा प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा योग अपने प्रारंभिक काल में गुफाओं एवं कंदराओं में सीमित रहा फिर परमहंस स्वामी सत्यानंद जी ने अपने गुरु स्वामी शिवानंद जी के आदेश पर शोर टू शोर, डोर टू डोर योग की महत्व को पूरे विश्व मे प्रज्वलित किया। वर्ष 2014 में यशस्वी प्रधानमंत्री के प्रयास से यूएनओ ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को स्वीकार किया एवं विश्व के 191 देशों में मनाया गया। अभ्यास सत्र में योगाचार्य स्वामी आनंद धर्मा सरस्वती ध्यान का अभ्यास करवाते हुए आज के समय में योग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। आसन का अभ्यास एम एम दण्डपत द्वारा कराया गया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन में संस्था के महासचिव सतेन्द्र कुमार, जी एस चौहान, डीपी साह, आर डी साहू, विमला सहजवानी, अरुणा तारे शामिल रहे।
बीएचईएल योग मित्र मंडल के केंद्र में 11वीं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया











